February 6, 2026 9:27 am

नव वर्ष और संक्रांति मिलन समारोह में विश्वकर्मा महासभा ने दिया जागरूकता और एकजुटता का संदेश- अशोक विश्वकर्मा

ऑल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा ने नव वर्ष और मकर संक्रांति मिलन समारोह में जागरूकता और एकजुटता का संदेश दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने नव वर्ष और संक्रांति की शुभकामनाएं दीं और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का आह्वान किया। इस मौके पर लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया गया। अशोक विश्वकर्मा ने कहा कि शास्त्री जी ईमानदारी और सादगी के प्रतीक थे।

वाराणसी: ऑल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के तत्वावधान में जिला कार्यालय पर आयोजित नव वर्ष और मकर संक्रांति अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने नव वर्ष और मकर संक्रांति पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा नव वर्ष और संक्रांति का पर्व सामाजिक समरसता, एकता, सद्भाव और आपसी मेल जोल का परंपरागत शाश्वत संस्कृति का पर्व है उन्होंने कहा यह त्यौहार सूर्य देव को समर्पित है इस दिन से सूर्य उत्तरायण होकर धनु राशि से मकर राशि में गोचर करते हैं तथा बसंत ऋतु के आगमन के स्वागत का भी पर्व है, जो आशा आनंद और ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने इस मौके पर समाज में जागरूकता और एकजुटता को बढ़ावा देने तथा सामूहिक जिम्मेदारी के साथ समाज के विकास के लिए काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता से न केवल सामाजिक समस्याओं का समाधान होता है बल्कि आर्थिक और राजनीतिक विकास का भी मार्ग प्रशस्त होता है।सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए हमें आपसी भेदभाव को समाप्त करना होगा तथा संवाद और संपर्क को बढ़ावा देना होगा।उन्होंने कहा आपसी एकता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के संकल्प के साथ निस्वार्थ भाव से समाज के वंचित, दुखी, पीड़ित और जरूरतमंदों की सेवा और सहायता में संगठन की भूमिका को सार्थक करें। इस मौके पर शास्त्री जी के पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा की शास्त्री जी ईमानदारी और सादगी के प्रतीक थे। उन्होंने जय जवान जय किसान का नारा देकर देश की आत्मा को जगाया तथा देश में नवस्फूर्ति और ऊर्जा का संचार किया। देश के लिए किए गए उनके योगदान और आदर्शों को सदैव याद किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से नंदलाल विश्वकर्मा, अरविंद विश्वकर्मा, पंडित राम प्रवेश शर्मा, कैलाश विश्वकर्मा, दीप विश्वकर्मा, रवि शंकर विश्वकर्मा सोनू,प्रहलाद विश्वकर्मा, भैरव विश्वकर्मा, मनोज विश्वकर्मा, प्रदीप विश्वकर्मा, शंकर विश्वकर्मा, विजय विश्वकर्मा ,सुरेश विश्वकर्मा, विजय विश्वकर्मा उमरहा, रविंद्र विश्वकर्मा, दिनेश विश्वकर्मा, तुषार विश्वकर्मा, हिमांशु विश्वकर्मा, उज्जवल विश्वकर्मा, तनु विश्वकर्मा, उत्कर्ष विश्वकर्मा, प्रभु नारायण विश्वकर्मा, मोहित विश्वकर्मा, छोटेलाल विश्वकर्मा, निकेत विश्वकर्मा, संदीप विश्वकर्मा, मनोज विश्वकर्मा, चंद्रिका विश्वकर्मा सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।: ऑल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के तत्वावधान में जिला कार्यालय पर आयोजित नव वर्ष और मकर संक्रांति अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने नव वर्ष और मकर संक्रांति पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा नव वर्ष और संक्रांति का पर्व सामाजिक समरसता, एकता, सद्भाव और आपसी मेल जोल का परंपरागत शाश्वत संस्कृति का पर्व है उन्होंने कहा यह त्यौहार सूर्य देव को समर्पित है इस दिन से सूर्य उत्तरायण होकर धनु राशि से मकर राशि में गोचर करते हैं तथा बसंत ऋतु के आगमन के स्वागत का भी पर्व है, जो आशा आनंद और ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने इस मौके पर समाज में जागरूकता और एकजुटता को बढ़ावा देने तथा सामूहिक जिम्मेदारी के साथ समाज के विकास के लिए काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता से न केवल सामाजिक समस्याओं का समाधान होता है बल्कि आर्थिक और राजनीतिक विकास का भी मार्ग प्रशस्त होता है।सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए हमें आपसी भेदभाव को समाप्त करना होगा तथा संवाद और संपर्क को बढ़ावा देना होगा।उन्होंने कहा आपसी एकता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के संकल्प के साथ निस्वार्थ भाव से समाज के वंचित, दुखी, पीड़ित और जरूरतमंदों की सेवा और सहायता में संगठन की भूमिका को सार्थक करें। इस मौके पर शास्त्री जी के पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा की शास्त्री जी ईमानदारी और सादगी के प्रतीक थे। उन्होंने जय जवान जय किसान का नारा देकर देश की आत्मा को जगाया तथा देश में नवस्फूर्ति और ऊर्जा का संचार किया। देश के लिए किए गए उनके योगदान और आदर्शों को सदैव याद किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से नंदलाल विश्वकर्मा, अरविंद विश्वकर्मा, पंडित राम प्रवेश शर्मा, कैलाश विश्वकर्मा, दीप विश्वकर्मा, रवि शंकर विश्वकर्मा सोनू,प्रहलाद विश्वकर्मा, भैरव विश्वकर्मा, मनोज विश्वकर्मा, प्रदीप विश्वकर्मा, शंकर विश्वकर्मा, विजय विश्वकर्मा ,सुरेश विश्वकर्मा, विजय विश्वकर्मा उमरहा, रविंद्र विश्वकर्मा, दिनेश विश्वकर्मा, तुषार विश्वकर्मा, हिमांशु विश्वकर्मा, उज्जवल विश्वकर्मा, तनु विश्वकर्मा, उत्कर्ष विश्वकर्मा, प्रभु नारायण विश्वकर्मा, मोहित विश्वकर्मा, छोटेलाल विश्वकर्मा, निकेत विश्वकर्मा, संदीप विश्वकर्मा, मनोज विश्वकर्मा, चंद्रिका विश्वकर्मा सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।

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