अशोक विश्वकर्मा ने सरकार के दमनकारी रवैया का विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष और न्याय की आवाज को बलपूर्वक दबा रही है, जिससे लोकतंत्र और सामाजिक सुरक्षा खतरे में है। निशा विश्वकर्मा की मौत प्रकरण में सीबीआई जांच की मांग की है और सरकार की निंदा की है। उन्होंने कहा कि निशा को इंसाफ मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
वाराणसी: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं की नजरबंदी और गिरफ्तारी की घटना का मुंह पर काली पट्टी बांधकर सरकार के दमनकारी रवैया का विरोध जताते हुए कहा है कि सरकार विपक्ष और न्याय की आवाज को बलपूर्वक दबा रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में लोकतंत्र और सामाजिक सुरक्षा खतरे में है। गाजीपुर में निशा विश्वकर्मा की मौत प्रकरण में सरकार ने घटना की सीबीआई से न्यायिक जांच कराने के बजाय परिजनों के इंसाफ की आवाज को लालच और मदद की राजनीति करके दबा रही है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल को गाजीपुर जाने से रोकने और नेताओं की नजरबंदी तथा गिरफ्तारी की कड़ी शब्दों में निंदा की है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि निशा विश्वकर्मा के मौत की सीबीआई जांच करा कर घटना की सत्यता को सामने लाना चाहिए। उसकी किन परिस्थितियों में मौत हुई उसकी मौत के पीछे के कारण क्या और कौन लोग है। उन्होंने कहा निशा विश्वकर्मा को इंसाफ मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर दीनदयाल विश्वकर्मा, सुरेश विश्वकर्मा, कैलाश विश्वकर्मा, दीप विश्वकर्मा आदि लोग मौजूद रहे।












