एक महिला सहित 2 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार, धोखाधड़ी की 1.42 करोड़ रुपये की धनराशि होल्ड कराई गई।
भारी मात्रा में कंप्यूटर उपकरण, 350 पासबुक, फर्जी आधार कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज एवं अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद।
उच्चाधिकारीगण के निर्देशन में साइबर अपराधियों एवं साइबर क्राइम इकोसिस्टम के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में साइबर थाना चन्दौली पुलिस टीम द्वारा ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी एवं साइबर अपराध से जुड़े एक संगठित अन्तर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए ऑनलाइन ठगी में संलिप्त 2 अभियुक्त व 1 अभियुक्ता को गिरफ्तार किया गया है, जो माइक्रो फाइनेंस कम्पनी बनाकर विभिन्न राज्यों के लोगों को आसान ऋण उपलब्ध कराने का झांसा देकर उनसे ठगी कर रहे थे।
चन्दौली: थाना साइबर क्राइम द्वारा प्राप्त साइबर शिकायतों की जांच के दौरान जानकारी प्राप्त हुई कि “सत्कार निधि लिमिटेड” एवं अन्य फर्जी माइक्रो फाइनेंस कम्पनियों के नाम पर लोगों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने का प्रलोभन दिया जा रहा है। अभियुक्तों द्वारा सोशल मीडिया, मोबाइल कॉल एवं अन्य माध्यमों से लोगों से सम्पर्क कर उन्हें लोन स्वीकृत कराने का आश्वासन दिया जाता था तथा प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी, बीमा शुल्क एवं अन्य चार्ज के नाम पर धनराशि जमा कराई जाती थी। इस कम्पनी की आड में साइबर फाइनेंसियल फ्राड का रुपया इसी अकाउंट में मंगवाया जाता था। शिकायतों के विश्लेषण एवं तकनीकी जांच के दौरान समन्वय पोर्टल एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर उपलब्ध अभिलेखों का सत्यापन किया गया, जिसमें अभियुक्तों द्वारा संचालित बैंक खातों एवं गतिविधियों के संबंध में कुल 16 साइबर शिकायतें विभिन्न राज्यों से दर्ज पाई गईं। इसके अतिरिक्त अभियुक्तगण के विरुद्ध जनपद गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में भी धोखाधड़ी का एक अभियोग पंजीकृत होना प्रकाश में आया है, एवं लगभग ₹1,42,00,000/- (एक करोड़ बयालीस लाख रुपये) की साइबर फ्राड से प्राप्त धनराशि होल्ड थी। प्रकरण में वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। कार्यवाही के क्रम में साइबर थाना पुलिस को जानकारी प्राप्त हुई कि चन्दौली जनपद में संचालित एक कार्यालय से इस पूरे गिरोह का संचालन किया जा रहा है। गिरोह के सदस्य विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर शिकायतों के कारण अपना कार्यालय बंद कर कम्प्यूटर, रजिस्टर एवं अन्य अभिलेख हटाकर फरार होने की तैयारी में है।
कार्यवाही…
प्रभारी साइबर थाना चन्दौली के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जनपद चन्दौली स्थित एक कार्यालय पर छापेमारी की गई। पुलिस टीम के पहुंचने पर कुछ व्यक्ति सामान हटाकर भागने का प्रयास करने लगे, जिन्हें घेराबंदी कर बजरंग लॉन के सामने से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ एवं तलाशी के दौरान उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज, फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल फोन, मोहरें एवं अन्य अभिलेख बरामद हुए। उक्त गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
पूछताछ विवरण…
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि उन्होंने एक राय होकर “सत्कार निधि लिमिटेड कम्पनी” एवं “माइक्रो फाइनेंस कम्पनी” नामक संस्थाओं का संचालन शुरू किया था। ये लोग ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराने का झांसा देते थे तथा उनसे 5,000 रुपये से 25,000 रुपये तक विभिन्न शुल्कों के नाम पर वसूली करते थे। अभियुक्तों द्वारा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा बबुरी सहित विभिन्न बैंकों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाते खुलवाये गये थे। इन खातों का संचालन मुख्य रूप से अभियुक्तों द्वारा किया जाता था। देश के विभिन्न राज्यों/जनपदों में होने वाले साइबर फ्रॉड एवं ऑनलाइन ठगी से प्राप्त धनराशि इन्हीं खातों में मंगाई जाती थी। इसके उपरान्त अभियुक्त अपना 1.5% कमीशन काटकर शेष धनराशि अपने अन्य सहयोगियों के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर ट्रांसफर एवं खपा देते थे। गिरफ्तारी से बचने हेतु अभियुक्तों ने अपने वास्तविक फोटो लगाकर लेकिन फर्जी नाम एवं पते दर्शाते हुए कूटरचित आधार कार्ड भी तैयार कर अपने पास रखते थे।
पूछताछ के दौरान यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि अभियुक्तों द्वारा संचालित बैंक खाते के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में 16 ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud) की अनेक शिकायतें दर्ज हैं। तथा इनके खाते में आनलाइन फाइनेंसियल फ्राड के संबंध में जनपद गौतमबुद्ध नगर में मु0अ0स0-36/2026 धारा 318(4), 319(2) बीएनएस एवं 66-डी आईटी एक्ट थाना साइबर क्राइम गौतमबुद्ध नगर मे अभियोग पंजीकृत है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल से प्राप्त सूचनाओं का परीक्षण किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में इस गिरोह द्वारा अब तक कुल 1,42,00,000 रुपये (एक करोड़ बयालीस लाख रुपये) की देशव्यापी ऑनलाइन धोखाधड़ी की धनराशि को एनसीआरपी पोर्टल द्वारा होल्ड कराया गया है।
बरामदगी का विवरण…
3 सीपीयू, 3 मॉनीटर, 3 की-बोर्ड, 2 माउस, 2 प्रिंटर, 1 कैलकुलेटर, 350 पासबुक, 3 कूटरचित आधार कार्ड, 3 स्मार्ट फोन, 11 विभिन्न नामों की मोहर, 1 पैड, 21 रजिस्टर, 6 ब्लैंक चेक विभिन्न कम्पनियों के सिम कार्ड बैंकिंग एवं वित्तीय लेन-देन से सम्बन्धित महत्वपूर्ण अभिलेख बरामद हुए हैं।
जनपदवासियों से अपील…
अपर पुलिस अधीक्षक सदर द्वारा जनसामान्य से अपील की गई है कि किसी भी अनजान व्यक्ति अथवा संस्था के बहकावे में आकर ऋण, निवेश या अन्य वित्तीय लाभ के नाम पर धनराशि जमा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नम्बर 1930 अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं तथा निकटतम पुलिस स्टेशन/साइबर थाना से संपर्क करें।




