वाराणसी में दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत रविवार से ध्वस्तीकरण अभियान शुरू हो गया है, जिसमें करीब 30 मकानों को गिराया जाएगा। यह कार्रवाई एक हफ्ते तक चलेगी और भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच की जा रही है। दालमंडी क्षेत्र को चौड़ा करने की योजना लंबे समय से चल रही है, जिससे जाम की समस्या कम हो और आवागमन आसान हो। इस परियोजना के तहत 650 मीटर लंबी सड़क को 17.5 मीटर चौड़ा किया जाएगा, जिसमें 10 मीटर सड़क, 6.4 मीटर फुटपाथ और 1 मीटर नाली होगी। परियोजना की लागत लगभग 215 करोड़ रुपये है, जिसमें 184 मकानों का मुआवजा शामिल है।
वाराणसी: दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को लेकर प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। रविवार से इलाके में ध्वस्तीकरण अभियान शुरू हो गया है, जिसके तहत करीब 30 मकानों को गिराया जाएगा। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह कार्रवाई लगातार सात दिनों तक चलने की संभावना है।
चौड़ीकरण के लिए गिराए जा रहे मकान…
दालमंडी क्षेत्र को चौड़ा करने की लंबे समय से चली आ रही योजना अब जमीन पर उतरती नजर आ रही है। प्रशासन ने लगभग 30 मकानों को चिन्हित कर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह अभियान लगातार एक सप्ताह तक चलाया जाएगा, ताकि मार्ग को सुगम और चौड़ा बनाया जा सके।
भारी फोर्स के बीच चल रही कार्रवाई…
अभियान को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस, लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से तैयारी की है। मौके पर चौक थाना समेत कई थानों की पुलिस तैनात है।
सुरक्षा के मद्देनज़र पीएसी और पैरा मिलिट्री फोर्स की भी तैनाती की गई है, ताकि किसी भी तरह की बाधा या अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
कार्रवाई की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर दी गई है और रविवार से दालमंडी क्षेत्र में वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है।
एसीपी डॉ. अतुल अंजन त्रिपाठी के अनुसार, तीन थानों की पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद है और अभियान को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा रहा है।
क्या बदलेगा दालमंडी???
इस चौड़ीकरण के बाद दालमंडी क्षेत्र में जाम की समस्या कम होने और आवागमन आसान होने की उम्मीद है। यह परियोजना शहर के पुराने और व्यस्त इलाकों में यातायात व्यवस्था सुधारने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।













