2027 का सत्ता संग्राम: OBC, SC, ST और अल्पसंख्यकों के दम पर बदलेगी UP की राजनीति, अशोक विश्वकर्मा का बड़ा ऐलान STF और स्वाट-गड़वार पुलिस का बड़ा धमाका, ₹50,000 का इनामी हत्यारोपी ‘मुन्ना’ गिरफ्तार; रेलवे क्रॉसिंग के पास से दबोचा आजमगढ़ में बड़ा पुलिस एनकाउंटर: 25-25 हजार के दो इनामी बदमाश ढेर, 5 जिलों में दहशत फैलाने वाला गिरोह बेनकाब काशी में रचेगा इतिहास! गंगा माँ की गोद में गूंजेगी फाइटर जेट्स की दहाड़, 30 लाख लोग बनेंगे गवाह शराब तस्करों का ‘मास्टर प्लान’ ध्वस्त! ट्रेन से बिहार भेज रहे थे अंग्रेजी शराब की खेप, 3 गिरफ्तार पति-पत्नी के झगड़े का खौफनाक अंजाम! विवाद में पत्नी ने लांघी हैवानियत की हद; पति के प्राइवेट पार्ट पर फेंका एसिड, हालत गंभीर

2027 का सत्ता संग्राम: OBC, SC, ST और अल्पसंख्यकों के दम पर बदलेगी UP की राजनीति, अशोक विश्वकर्मा का बड़ा ऐलान

2027 में UP की सत्ता का ‘मास्टर प्लान‘ लीक! जानिए क्यों 70% से ज्यादा वोटर्स इस बार पलटने जा रहे हैं पासा???

​वाराणसी: उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सुगबुगाहट तेज हो गई है। ऑल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि 2027 का चुनाव प्रदेश के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्ग के सम्मान और उनके अधिकारों का सबसे बड़ा संग्राम बनने जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि इस बार बहुजन और वंचित समाज महज ‘वोटर’ बनकर नहीं रहेगा, बल्कि सूबे में सत्ता परिवर्तन का असली सूत्रधार बनेगा।

​92% आबादी फिर भी हिस्सेदारी नगण्य: सामाजिक न्याय पर उठाए गंभीर सवाल…
​अशोक विश्वकर्मा ने जनसांख्यिकी आंकड़ों का हवाला देते हुए सत्ता में भागीदारी के असंतुलन पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा।

​उत्तर प्रदेश की जनसांख्यिकी: OBC (52%), SC (21%), ST और अल्पसंख्यक (19%) मिलकर प्रदेश की कुल आबादी का लगभग 92% हिस्सा बनाते हैं।

​सत्ता में भागीदारी: इतनी विशाल आबादी होने के बावजूद नीति-निर्माण और शासन-सत्ता में इनकी हिस्सेदारी 15% से भी कम है।

​”सत्ता की चाबी अब वंचित समाज के हाथों में है। जब तक शिल्पकार, मजदूर, किसान, अल्पसंख्यक और दलित समाज को उनका वाजिब हक नहीं मिलेगा, तब तक सामाजिक न्याय का सपना अधूरा है। 2027 की लड़ाई आरक्षण, रोजगार, शिक्षा और स्वाभिमान की लड़ाई है।

— अशोक कुमार विश्वकर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष (ऑल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा)

​वंचित समाज की तरक्की और हक के लिए महासभा का ‘मास्टर प्लान’…
​महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार के सामने वंचितों, कारीगरों, छात्रों और किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रमुख मांगें रखी हैं।

​सामाजिक न्याय और राजनैतिक हिस्सेदारी…
​जातिगत जनगणना: प्रदेश में तत्काल पारदर्शी जातिगत जनगणना कराकर आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी तय की जाए।

​आरक्षण का दायरा: OBC, SC और ST वर्ग को सरकारी ठेकों, सरकारी सप्लाई और निजी क्षेत्र (Private Sector) में आरक्षण दिया जाए।

​अति पिछड़ों को सम्मान: विश्वकर्मा, प्रजापति, राजभर, मौर्य, निषाद और पाल समाज सहित सभी अति पिछड़ी जातियों को राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर समान भागीदारी मिले।

​शिक्षा और रोजगार में क्रांतिकारी बदलाव…
​छात्रवृत्ति में बढ़ोतरी: SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं की स्कॉलरशिप दोगुनी की जाए और समय पर भुगतान सुनिश्चित हो।

​विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय: हर जिले में स्किल यूनिवर्सिटी की स्थापना हो। पारंपरिक कारीगर विश्वकर्मा समाज के मैट्रिक pass छात्र-छात्राओं को ITI के समकक्ष मानकर सरकारी नौकरियों में योग्य घोषित किया जाए।

​रोजगार की गारंटी: राज्य के 5 लाख रिक्त सरकारी पदों पर तुरंत निष्पक्ष भर्तियां हों और संविदा प्रथा को पूरी तरह समाप्त किया जाए।

​शिल्पकार, किसान और मजदूरों का आर्थिक सशक्तिकरण…
​आर्थिक सहायता: विश्वकर्मा शिल्पकारों को 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण, आधुनिक टूलकिट और एक समर्पित ‘शिल्पकार कल्याण बोर्ड’ का गठन किया जाए।

​उद्योग और किसान राहत: एमएसएमई और लघु उद्योगों को जीएसटी में छूट के साथ बिजली बिल में 50% सब्सिडी मिले।

​कृषि सुधार: फसलों की MSP पर कानूनी गारंटी और गन्ना किसानों का बकाया भुगतान 14 दिनों के भीतर किया जाए।

​मनरेगा सुधार: मनरेगा मजदूरी बढ़ाकर ₹400 प्रतिदिन की जाए और वर्ष में कम से कम 200 दिनों के काम की गारंटी दी जाए।

​2027 में परिवर्तन का शंखनाद…
​अशोक विश्वकर्मा ने अपील करते हुए कहा कि वंचित और पिछड़े वर्ग को अब बिखराव छोड़कर एकजुट होना होगा। वोट की ताकत से ही हक और अधिकार हासिल किए जा सकते हैं। 2027 में उत्तर प्रदेश का राजनीतिक भविष्य OBC, SC, ST और अल्पसंख्यक समाज की अटूट एकता से ही तय होगा।

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