गाजीपुर में ‘ड्रीम जॉब’ के नाम पर महाठगी: फर्जी कॉल सेंटर चला रहे बाप-बेटे का भंडाफोड़, लाखों का कैश और गाड़ियां जब्त।
गाजीपुर: विदेशों में नौकरी का सपना दिखाकर बेगुनाह लोगों से लाखों रुपये ऐंठने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन फ्रॉड गिरोह की गाजीपुर साइबर क्राइम पुलिस ने कमर तोड़ दी है। पुलिस ने मामले की गहनता से पड़ताल करते हुए पिता-पुत्र समेत तीन अभियुक्तों को धर दबोचा। पकड़े गए शातिरों के पास से लाखों रुपये कैश, महंगी गाड़ियां और साइबर क्राइम में इस्तेमाल होने वाला हाई-टेक सामान बरामद हुआ है।
ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा…
दरअसल, गाजीपुर के एक सीएससी (CSC) केंद्र संचालक के खाते में आरोपी धोखाधड़ी के जरिए कमाए गए पैसे ट्रांसफर करवाकर नगद निकाल लेते थे। जब सीएससी संचालक का बैंक अकाउंट फ्रीज हुआ, तब उसे ठगी का अहसास हुआ और मामला पुलिस तक पहुंचा। शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा और नोडल साइबर अधिकारी के निर्देशन में साइबर सेल ने जाल बिछाया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जानिए ठगी का पूरा पैंतरा (Modus Operandi)
यह गिरोह पूरे सुनियोजित तरीके से काम करता था।
गरीबों के नाम पर फर्जी सिम और खाते: मुख्य सरगना सोहन राम दिल्ली-मुंबई में रहकर रिक्शा चालकों व जरूरतमंदों को चंद पैसों का लालच देकर उनके नाम पर फर्जी सिम कार्ड और ‘म्यूल अकाउंट’ हासिल करता था।
सोशल मीडिया पर लुभावने विज्ञापन: फर्जी सिमों को कूरियर के जरिए गाजीपुर में बैठे अपने बेटे सूर्य प्रकाश के पास भेजा जाता था। इसके बाद फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर ‘विदेश में नौकरी’ के विज्ञापन चलाए जाते थे।
फर्जी कॉल सेंटर का मायाजाल: गाजीपुर में चल रहे कॉल सेंटर में अनजाने में काम कर रही लड़कियों से नौकरी के नाम पर आई कॉल्स अटेंड कराई जाती थीं।
डमी टिकट और नकली ऑफर लेटर: जब कोई व्यक्ति झांसे में आ जाता, तो उससे रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे लिए जाते, फर्जी जॉब ऑफर लेटर दिए जाते और विश्वास जीतने के लिए डमी फ्लाइट टिकट तक बुक करा दी जाती थी। इसके बाद सीएससी सेंटरों के जरिए नगद पैसा निकाल लिया जाता था।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान…
सोहन राम (उम्र 45 वर्ष) — निवासी: सिपाह जहूराबाद, गाजीपुर (मास्टरमाइंड, मुंबई/दिल्ली से नेटवर्क संचालक)
सूर्य प्रकाश अरोरा (उम्र 26 वर्ष) — निवासी: सिपाह जहूराबाद, गाजीपुर (सोहन का बेटा, गाजीपुर में फर्जी कॉल सेंटर संचालक)
फैजल खान उर्फ सन्नी (उम्र 29 वर्ष) — निवासी: रजदेपुर, गाजीपुर (पैसे निकालने में मददगार)
पुलिस द्वारा बरामद माल…
नगद राशि: ₹3,54,300
वाहन: 2 लग्जरी चार पहिया गाड़ियां (हुंडई वरना और इकोस्पोर्ट, अनुमानित कीमत ₹20 लाख)
डिजिटल सामान: 10 स्मार्टफोन (कीमत ₹5 लाख), 1 कंप्यूटर सेट, 1 लैपटॉप, 1 कलर प्रिंटर
फर्जी दस्तावेज/सिम: 23 एक्टिव सिम कार्ड और विभिन्न बैंकों के 13 एटीएम कार्ड
पुलिस की सलाह: सावधान रहें, सतर्क रहें…
गाजीपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर नौकरी के किसी भी आकर्षक विज्ञापन पर बिना भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या ऑनलाइन ठगी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।








