“18 गांवों के 25,000 किसानों के बलिदान का हो सम्मान”
ऑल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा और कांग्रेस ओबीसी विभाग ने जताई कड़ी आपत्ति, सीएम योगी से प्रस्ताव बदलने की मांग।
वाराणसी: नोएडा स्थित जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ रखने के उत्तर प्रदेश सरकार के संभावित प्रस्ताव पर सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। ऑल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस ओबीसी विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने इस पर तीखा विरोध दर्ज कराया है।
अशोक विश्वकर्मा ने दोटूक शब्दों में कहा कि जेवर एयरपोर्ट आज जिस सरज़मीन पर खड़ा है, वह किसी एक शख्सियत की देन नहीं बल्कि 18 गांवों के 25,000 किसानों की 5,428 हेक्टेयर जमीन और उनके त्याग का नतीजा है।
”जिन किसानों ने अपनी पीढ़ियों का आशियाना और रोजी-रोटी इस एयरपोर्ट के लिए कुर्बान कर दी, उनका स्वाभिमान सबसे ऊपर है। किसानों की जमीन पर बने इस एयरपोर्ट का नाम देश के किसान मसीहा, भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नाम पर ही होना चाहिए।
— अशोक कुमार विश्वकर्मा
”चौधरी साहब सर्वसमाज और किसानों के सर्वमान्य नेता”…
अशोक विश्वकर्मा ने ज़ोर देकर कहा कि चौधरी चरण सिंह केवल किसी एक वर्ग विशेष के नहीं, बल्कि देश के समस्त किसान, मजदूर और पिछड़ा (ओबीसी) वर्ग के सर्वमान्य नेता रहे हैं। जेवर एयरपोर्ट का नाम “चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर” रखने से उस पूरे अंचल के हज़ारों किसान परिवारों की भावनाओं को सच्चा सम्मान मिलेगा। उन्होंने याद दिलाया कि स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चौधरी साहब के योगदान का बेहद सम्मान करते हैं, ऐसे में यह फैसला पूरी तरह न्यायसंगत होगा।
वादे अब भी अधूरे: 7% प्लॉट, नौकरी और पुनर्वास की मांग तेज…
सरकार को आईना दिखाते हुए अशोक विश्वकर्मा ने कहा कि जेवर के विस्थापित किसानों से किए गए वादे अब तक अधूरे हैं। किसानों को 7% आवासीय प्लॉट, स्थानीय युवाओं को नौकरियां और समुचित पुनर्वास के दावे ज़मीन पर पूरी तरह से नहीं उतरे हैं। जब किसान अपनी ज़मीन देकर हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो कम से कम एयरपोर्ट का नाम उनके मसीहा के नाम पर रखकर उनकी भावनाओं की कद्र की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पुनर्विचार की अपील…
अशोक विश्वकर्मा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि इस फैसले पर तुरंत पुनर्विचार किया जाए और केंद्र सरकार को भेजे जाने वाले प्रस्ताव में संशोधन कर इसका नाम “चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट” तय किया जाए।








