वाराणसी में चंद्रग्रहण के कारण दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती का समय बदल दिया गया है। अब यह आरती शाम 7:30 बजे से शुरू होगी, जबकि सामान्य समय शाम 6:15 बजे है। यह बदलाव ग्रहण के मोक्ष काल के बाद किया गया है। चंद्रग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू हुआ और शाम 6:46 बजे समाप्त होगा। ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल लागू होने के कारण धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए आरती का समय बदला गया है।
वाराणसी: चंद्रग्रहण के कारण दशाश्वमेध घाट पर आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्ध मां गंगा की दैनिक आरती के समय में परिवर्तन किया गया है। गंगा सेवा निधि ने इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि मंगलवार को आरती अपने निर्धारित समय शाम 6:15 बजे के बजाय रात 7:30 बजे से प्रारंभ होगी। यह आरती ग्रहण के मोक्ष काल के बाद संपन्न कराई जाएगी।
गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि 3 मार्च को चंद्रग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर प्रारंभ होगा और शाम 6 बजकर 46 मिनट पर इसका समापन होगा। ग्रहण से नौ घंटे पूर्व सूतक काल लागू हो जाता है, जिसके चलते धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए आरती के समय में बदलाव किया गया है।
उन्होंने बताया कि काशी में धार्मिक अनुष्ठानों को शास्त्रीय नियमों के अनुरूप संपन्न कराया जाता है। इसी परंपरा के तहत ग्रहण काल में नियमित आरती का आयोजन नहीं किया जाता और मोक्ष काल के पश्चात ही पूजन-अर्चन किया जाता है। बीते वर्षों में भी ग्रहण के कारण आरती के समय में परिवर्तन किया गया था। वर्ष 2025 में 7 सितंबर को चंद्रग्रहण के चलते गंगा आरती दोपहर 12 बजे संपन्न कराई गई थी। पिछले 35 वर्षों में यह छठा अवसर है जब ग्रहण के कारण आरती के समय में बदलाव किया गया है।
इससे पहले 28 अक्टूबर 2023, 16 जुलाई 2019, 27 जुलाई 2018 और 7 अगस्त 2017 को भी ग्रहण के चलते गंगा आरती दिन में आयोजित की गई थी। गंगा सेवा निधि ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे परिवर्तित समय का ध्यान रखें और उसी अनुसार घाट पर पहुंचें।












