सोनभद्र/मुंबई: माफियाओं और जालसाजों के खिलाफ सोनभद्र पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी है। खनन पट्टे के नाम पर कूट रचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार करने, फर्जी दस्तखत कर धोखाधड़ी करने और गबन के सनसनीखेज मामले में ओबरा थाना पुलिस और SOG/सर्विलांस की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी इश्तियाक खान को मुंबई से दबोच लिया है।
क्या है पूरा मामला???
मिली जानकारी के मुताबिक, वादी सुधीर कुमार श्रीवास्तव की पत्नी रिंकी श्रीवास्तव के नाम ग्राम बिल्ली मारकुण्डी स्थित गिट्टी/बोल्डर (डोलोस्टोन) का 10 साल (2023 से 2033) का खनन पट्टा स्वीकृत है। इस पट्टे से जुड़ी तमाम कागजी और विभागीय कार्यवाहियों की जिम्मेदारी आरोपी इश्तियाक खान को दी गई थी।
आरोप है कि इश्तियाक खान ने भरोसे का कत्ल करते हुए पट्टाधारक के नाम से फर्जी हस्ताक्षर, कूटरचित शपथ पत्र और कागजातों का इस्तेमाल कर खेल शुरू कर दिया। उसने पट्टे की आड़ में ‘मेसर्स राधिका इंडस्ट्रीज’ के नाम से अवैध तरीके से काम संचालित कराया और सरकारी विभागों व बैंकों में फर्जी दस्तावेज जमा किए। यही नहीं, उसने खनन के हिसाब-किताब में भारी हेराफेरी कर गबन किया। जब वादी को इस जालसाजी की भनक लगी और उसने पूछताछ की, तो आरोपी गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी पर उतारू हो गया।
पुलिस ने दर्ज किया था संगीन धाराओं में मुकदमा…
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना ओबरा में आरोपी इश्तियाक खान के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 316(2), 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 352 और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होते ही शातिर आरोपी फरार हो गया था।
मुंबई में घेराबंदी कर ऐसे चढ़ा हत्थे…
एसपी सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देशन, एएसपी अनिल कुमार और सीओ ओबरा प्रभात राय के पर्यवेक्षण में SOG और ओबरा पुलिस की टीम लगातार आरोपी की तलाश में दबिश दे रही थी। सर्विलांस की मदद से पुलिस को सटीक इनपुट मिला कि वांछित अभियुक्त मुंबई भाग गया है।
इसके बाद ओबरा पुलिस और सर्विलांस/SOG की संयुक्त टीम ने मुंबई के थाना चूनाभट्टी क्षेत्र स्थित प्रियदर्शनी बस स्टॉप के पास जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी कहीं भागने की फिराक में वहां पहुंचा, पुलिस टीम ने चारों तरफ से घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
कोर्ट ने भेजा जेल…
मुंबई से गिरफ्तार कर सोनभद्र लाए गए आरोपी इश्तियाक खान (50 वर्ष, निवासी GF-5 सिग्नेचर स्क्वायर बिल्डिंग, शिव नगर कॉलोनी, ओबरा) को माननीय न्यायालय सोनभद्र के समक्ष पेश किया गया, जहां से रिमांड स्वीकृत होने के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया है।








