गाजीपुर बना था डिलीवरी पॉइंट! MP से पहुंचे 3 शातिर तस्कर दबोचे गए, कैथवलिया पुलिया पर हुई घेराबंदी; दो अन्य वांछित आरोपियों की तलाश जारी।
SWAT और कोतवाली पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन: 38 पिस्टल-तमंचे, गोलियां और अपाचे बाइक जब्त; एमपी के खंडवा-बुरहानपुर से जुड़े हैं तार।
गाजीपुर: पूर्वांचल में अवैध असलहों की बड़ी खेप खपाने की साजिश पर गाजीपुर पुलिस ने पानी फेर दिया है। SWAT टीम और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़े अंतर्राज्यीय हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 3 शातिर तस्करों को दबोच लिया। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में विदेशी व देशी आग्नेयास्त्र (पिस्टल और तमंचे), जिंदा कारतूस, मोबाइल, नकदी और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की है।
कैथवलिया पुलिया पर घेराबंदी, भागने की कोशिश में दबोचे गए…
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मध्य प्रदेश से अवैध हथियारों का जखीरा लेकर कुछ तस्कर गाजीपुर में डिलीवरी देने पहुंचे हैं। सूचना मिलते ही SWAT प्रभारी और कोतवाली पुलिस की टीम ने कैथवलिया पुलिया के पास नाकेबंदी की।
एक मोटरसाइकिल के पास खड़े तीन संदिग्धों ने पुलिस बल को देखते ही भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने चारों तरफ से घेरकर तीनों को मौके पर ही दबोच लिया।
पकड़े गए अभियुक्तों का विवरण…
रतन विश्वकर्मा (19 वर्ष) – निवासी भदौरा, थाना गहमर, गाजीपुर।
रवि कुमार (19 वर्ष) – निवासी भदौरा, थाना गहमर, गाजीपुर।
अभिषेक कुमार (20 वर्ष) – निवासी फुल्ली, थाना दिलदारनगर, गाजीपुर।
(मामले में दो अन्य वांछित आरोपियों की तलाश जारी है।)
बरामदगी का विस्तृत विवरण…
पुलिस टीम को तलाशी के दौरान बैग्स और अभियुक्तों के पास से हथियारों का बड़ा जखीरा मिला।
32 बोर पिस्टल: 18 अदद।
9 MM पिस्टल: 01 अदद।
315 बोर देशी तमंचा: 19 अदद।
जिंदा कारतूस: 11 (.32 बोर), 02 (.9 MM), 05 (.315 बोर)
वाहन व अन्य सामान: 1 TVS Apache मोटरसाइकिल (UP 61 BJ 5035), 3 मोबाइल फोन, ₹900 नकद।
MP के खंडवा-बुरहानपुर से जुड़ा नेटवर्क…
शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे मध्य प्रदेश के बुरहानपुर और खंडवा इलाके से इन अवैध हथियारों की खेप लाकर स्थानीय स्तर पर सप्लाई करने आए थे। पुलिस अब इस सिंडिकेट के मुख्य सरगना, खरीदारों और नेटवर्क के अन्य बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज को खंगालने में जुटी है।
कड़ी कानूनी कार्रवाई और ई-साक्ष्य…
गाजीपुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट (धारा 9/5/25) के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पूरी बरामदगी और गिरफ्तारी की वीडियोग्राफी तथा फोटोग्राफी ई-साक्ष्य (Digital Evidence) के रूप में सुरक्षित की गई है।








