बलिया: जनपद में सक्रिय साइबर अपराधियों के खिलाफ बलिया पुलिस ने एक बार फिर करारा प्रहार किया है। मोबाइल से सिम कार्ड निकालकर फर्जी तरीके से UPI आईडी बनाने और बैंक खाते से लाखों रुपये पार करने वाले एक शातिर ठग को साइबर क्राइम थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के घर से धोखाधड़ी के 2 लाख रुपये नकद बरामद कर बड़ी सफलता हासिल की है।
क्या है पूरा मामला???
शिकायतकर्ता के अनुसार, शातिर दिमाग अपराधी ने उनके मोबाइल फोन से चुपके से सिम कार्ड निकाल लिया था। इसके बाद उस नंबर पर नया UPI चालू कर 21 सितंबर से 05 अक्टूबर के बीच बैंक खाते से किस्तों में लगभग ₹2,57,543 (दो लाख सत्तावन हजार पांच सौ तैंतालीस रुपये) उड़ा दिए।
खाते से पैसे कटने की भनक लगते ही पीड़ित ने 05 अक्टूबर को साइबर हेल्पलाइन 1930 और NCRP (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी, मौके से मिले 2 लाख रुपये…
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक और नोडल अफसर (साइबर क्राइम) के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना और साइबर सेल की टीम ने तुरंत जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों का पीछा करते हुए साइबर सेल के उप-निरीक्षक मनीष कुमार वरुण और टीम ने ग्राम बराडीह (थाना भीमपुरा) निवासी शत्रुधन यादव पुत्र कृष्ण यादव के ठिकाने पर छापेमारी की।
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई में आरोपी के घर से ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) नकद बरामद हुए, जिसे पुलिस ने तुरंत कब्जे में लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
कानूनी कार्रवाई और दर्ज मुकदमा…
मामले में आरोपी शत्रुधन यादव के खिलाफ थाना साइबर क्राइम, जनपद बलिया में मुकदमा अपराध संख्या 10/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और IT एक्ट की धारा 66(D) में केस दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पीड़ित ने जताया बलिया पुलिस का आभार…
साइबर पुलिस की इस तेज़ तर्रार कार्रवाई और गाढ़ी कमाई के 2 लाख रुपये वापस मिलने पर पीड़ित ने राहत की सांस ली और बलिया पुलिस प्रशासन एवं साइबर क्राइम टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया।
सफलता पाने वाली पुलिस टीम…
निरीक्षक नदीम अहमद फरीदी (प्रभारी थाना साइबर क्राइम, बलिया)
उप-निरीक्षक मनीष कुमार वरुण (साइबर सेल, बलिया)
मुख्य आरक्षी जितेन्द्र सोनकर (साइबर क्राइम, बलिया)
आरक्षी विपिन कुमार पटेल (साइबर सेल, बलिया)
आरक्षी अमर बहादुर यादव (थाना साइबर क्राइम, बलिया)








