महाशिवरात्रि के अवसर पर वाराणसी के गौरी केदारेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर का विशेष महत्व है, और श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे। “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से वातावरण शिवमय हो गया। पुलिस और प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
वाराणसी: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर काशी के प्राचीन एवं विख्यात गौरी केदारेश्वर महादेव मंदिर में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। रविवार होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ गई, जिससे सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा केदारेश्वर के दर्शन-पूजन के लिए उमड़ पड़े। पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से गुंजायमान रहा।
गौरी केदारेश्वर मंदिर को काशी के अत्यंत प्राचीन शिवालयों में प्रमुख स्थान प्राप्त है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस मंदिर का संबंध प्राचीन काल के राजा मान्धाता से जोड़ा जाता है, जिससे इसका ऐतिहासिक महत्व भी बढ़ जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि महाशिवरात्रि के दिन यहां विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं। इसी आस्था के चलते दूर-दराज जिलों और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्त वाराणसी पहुंचे हैं।
प्रातःकाल मंगला आरती के उपरांत मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसके बाद जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर रात तक जारी रहने की संभावना है। भक्तजन जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक कर रहे हैं। मंदिर में विशेष रुद्राभिषेक और श्रृंगार पूजन का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन और पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है तथा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित ढंग से दर्शन की व्यवस्था की गई।













