चन्दौली: पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन दहन” अभियान के तहत जनपद चन्दौली पुलिस ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के नेतृत्व में जिले के 4 थानों से जुड़े 15 अभियोगों में जब्त कुल 990.730 किलोग्राम अवैध गांजा का विनष्टीकरण कराया गया, नष्ट किए गए गांजे की अनुमानित कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपये आंकी गई है।
यह कार्रवाई मुगलसराय इंडस्ट्रियल एरिया स्थित श्री गणेश प्लाईवुड उद्योग प्रा0 लि0 कम्पनी में मानकों के अनुसार कराई गई, पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
ADG और IG के निर्देशन में हुई कार्रवाई…
न्यायालय द्वारा निर्गत आदेश के अनुपालन में नवीन अरोरा, अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन, तथा वैभव कृष्ण, पुलिस महानिरीक्षक परिक्षेत्र वाराणसी के निर्देशन में यह विनष्टीकरण किया गया, SP चन्दौली आकाश पटेल के कुशल पर्यवेक्षण में एक जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया गया था।
कौन-कौन रहे मौजूद…
जिला स्तरीय कमेटी में अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन सतीश चंद्र शुक्ला, क्षेत्राधिकारी सकलडीहा कृष्ण मुरारी शर्मा, प्रभारी निरीक्षक डीसीआरबी राम कुमार यादव, संबंधित अभियोगों के विवेचकगण और संबंधित थानों के हेड मोहर्रिर मौजूद रहे। कमेटी द्वारा सभी 15 अभियोगों के माल का भौतिक सत्यापन कर उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर नष्ट कराया गया।
क्या है “ऑपरेशन दहन”???
उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए “ऑपरेशन दहन” अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत न्यायालय के आदेश पर जब्त मादक पदार्थों को तय प्रक्रिया के तहत नष्ट किया जाता है ताकि उनका दोबारा दुरुपयोग न हो सके।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चन्दौली जिले में विगत माहों में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज विभिन्न मुकदमों में भारी मात्रा में गांजा बरामद किया गया था। न्यायालय से निस्तारण का आदेश मिलने के बाद आज सभी माल को एक साथ एकत्र कर विनष्ट किया गया।
कड़ी निगरानी और जीरो टॉलरेंस की नीति…
SP आकाश पटेल ने कहा कि जनपद में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। “ऑपरेशन दहन” के तहत आगे भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि कहीं भी नशे के कारोबार की सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को अवगत कराएं। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से न सिर्फ करोड़ों रुपये का अवैध नशा नष्ट हुआ है, बल्कि युवाओं को नशे की लत से बचाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम उठाया गया है।








