वाराणसी के स्वर्वेद महामंदिर में दो दिवसीय “समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव” का आयोजन हो रहा है, जिसमें 25,000 कुंडली महायज्ञ का अनोखा संगम होगा। यह महोत्सव 25 और 26 नवंबर को आयोजित होगा, जिसमें देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु भाग लेंगे।
वाराणसी: अध्यात्म, संत परंपरा और सांस्कृतिक वैभव से जुड़े भव्य आयोजन समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव का शुभारंभ आज स्वर्वेद महामंदिर धाम, उमराहां में हो गया। दो दिवसीय यह महोत्सव 25 और 26 नवंबर तक चलेगा। आयोजन का मुख्य केंद्र 25,000 कुंडली महायज्ञ का अद्वितीय संगम है, जिसमें देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु भाग लेंगे। हजारों की संख्या में भक्तों और साधकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं।
कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की समीक्षा करने के लिए एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना ने स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने यज्ञ स्थल, श्रद्धालुओं के आवागमन मार्ग, पार्किंग क्षेत्र और नियंत्रण कक्ष का बारीकी से अवलोकन करते हुए आयोजकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
भारी पुलिस बल की तैनाती…
महोत्सव में भीड़ की संभावना को देखते हुए भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया है। विभिन्न थानों की पुलिस टीमों के साथ-साथ पीएसी के जवान भी निगरानी में रहेंगे। प्रशासन का लक्ष्य है कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।
सीसी-टीवी और ड्रोन कैमरा से निगरानी…
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिए पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा भीड़ और गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों से हवाई निगरानी भी की जाएगी। नियंत्रण कक्ष में पुलिस अधिकारी लगातार लाइव फीड के माध्यम से स्थिति की मॉनिटरिंग करेंगे।
25 हजार कुंडली महायज्ञ जैसे दुर्लभ और भव्य आयोजन के कारण पूरे पूर्वांचल में इस महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। आयोजकों के अनुसार आने वाले दो दिनों में हजारों भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है।
स्वर्वेद महामंदिर धाम में शुरू हुआ यह अध्यात्म महोत्सव अध्यात्म, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनूठा संगम पेश करेगा।
महोत्सव के मुख्य आकर्षण…
– 25,000 कुंडली महायज्ञ, जिसमें लघु भारत का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा।
– संत प्रवर श्री विज्ञानदेव महाराज की दिव्यवाणी ‘जय स्वर्वेद कथा’ का आयोजन।
– हजारों दीप प्रज्वलित करने का कार्यक्रम।
प्रशासन की तैयारियां….
– कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की समीक्षा के लिए एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना ने स्थल का निरीक्षण किया।
– भारी पुलिस बल की तैनाती, विभिन्न थानों की पुलिस टीमों के साथ-साथ पीएसी के जवान भी निगरानी में रहेंगे।
– सीसी-टीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी, नियंत्रण कक्ष में पुलिस अधिकारी लगातार लाइव फीड के माध्यम से स्थिति की मॉनिटरिंग करेंगे।
आयोजकों की अपील…
– आयोजकों के अनुसार आने वाले दो दिनों में हजारों भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है।
– प्रशासन का लक्ष्य है कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।
महोत्सव के उद्देश्य…
– अध्यात्म, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनूठा संगम पेश करना।
– श्रद्धालुओं को एक मंच पर एकत्रित कर अध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना।
– सांस्कृतिक वैभव और संत परंपरा का प्रसार करना।













