बीएचयू में छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने इस मामले में अंकित सिंह और अंकित पाल सहित 100 अज्ञात छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
वाराणसी: आईआईटी बीएचयू परिसर में देर रात छात्र और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई मारपीट और पथराव के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। सहायक सुरक्षा अधिकारी हसन अब्बास जैदी की तहरीर पर अंकित सिंह, अंकित पाल सहित 100 अज्ञात के खिलाफ लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सहायक सुरक्षा अधिकारी का आरोप है कि दोनों नामजद आरोपी विश्वविद्यालय के छात्र नहीं है। देर रात सुंदर बगिया गेट के पास से झगड़ा करते हुए अंकित और अंकित पाल को सुपरवाइजर विनोद शर्मा कार्यालय लेकर गए थे। इतनी देर में 30 से 40 की संख्या में मुंह बांधकर पहुंचे हमलावरों ने सुरक्षा कर्मियों पर हमला कर दिया। सुरक्षा कर्मी प्रमोद सिंह को गंभीर रूप से चोटें आई हैं। हमलावर कार्यालय में घुसकर मारपीट तोड़फोड़ करने लगे। उसके बाद एलडी गेस्ट हाउस से लेकर हॉस्टल रोड तक पथराव किया। देर रात में पथराव के दौरान भगदड़ की स्थिति मच गई थी।
बवाल के दौरान एलडी गेस्ट हाउस के बाहर चौराहे पर लगे 10 से ज्यादा गमले, वाहन और कुर्सियां तोड़ दी गईं। 100 से ज्यादा घायल हो गए। तमिल संगमम के वणक्कम काशी के दो बड़े पोस्टर फाड़ दिए गए। बवाल के बाद करीब आधा किलोमीटर तक ईंट-पत्थर बिखरे मिले।
मारपीट के बीच में आए ब्रोचा हॉस्टल विज्ञान के एक छात्र का सिर फट गया। उसने बताया कि वह गलती से पत्थरबाजी के बीच में आ गया। गार्डों ने भी उस पर लाठियां बरसा दीं। बवाल के बीच 50 छात्र, 40 सुरक्षाकर्मी और 10 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए। कुछ छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया।













