वाराणसी में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रों ने यूजीसी बिल के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने विश्वविद्यालय बंद कराकर सड़क पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना है कि यूजीसी बिल से उच्च शिक्षा की स्वायत्तता प्रभावित होगी और इसका सीधा असर छात्रों और शिक्षकों पर पड़ेगा। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि यह बिल बांटने वाला है और इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। पुलिस ने छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे और बड़ा आंदोलन करेंगे।
वाराणसी: यूजीसी बिल के खिलाफ महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रों में खासा आक्रोश है। छात्रों ने विश्वविद्यालय में कक्षाओं को बंद करा दिया। वहीं पुलिस की बैरिकेडिंग लांघकर सड़क पर पहुंच गए। छात्रों ने सड़क पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने इस बिल को बांटने वाला बताया और सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
छात्रों का कहना रहा कि यूजीसी बिल से उच्च शिक्षा की स्वायत्तता प्रभावित होगी और इसका सीधा असर छात्रों व शिक्षकों पर पड़ेगा। इसी के विरोध में छात्र-छात्राएं एकजुट होकर विश्वविद्यालय परिसर में एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। देखते ही देखते प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और छात्रों ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार की ओर कूच कर दिया।
हालात को भांपते हुए पुलिस प्रशासन पहले से ही सतर्क था। विश्वविद्यालय के बाहर जाने से छात्रों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने छात्रों को समझाने और उन्हें परिसर में ही प्रदर्शन करने की अपील की, लेकिन आक्रोशित छात्र पुलिस बैरिकेडिंग को पार कर बाहर निकल आए। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए और यातायात बाधित कर विरोध जताया।
सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और यूजीसी बिल को तत्काल वापस लेने की मांग की। छात्रों का कहना था कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को अनसुना किया तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यह आंदोलन सिर्फ विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। सिगरा थाना पुलिस के साथ-साथ अन्य थानों की फोर्स भी मौके पर मौजूद रही। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से लगातार संवाद बनाए रखा और स्थिति को नियंत्रण में रखने का प्रयास किया। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन छात्रों के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा।












