वाराणसी: प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सीरप की 100 करोड़ रुपये की तस्करी प्रकरण में कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए SIT गठित कर दी है। एडीसीपी काशी जोन सरवणन टी. की अध्यक्षता वाली SIT अब माफिया शुभम जायसवाल, पिता भोला प्रसाद, फर्जी फर्मों और पूरे नेटवर्क की 10 साल की जांच करेगी।
औषधि विभाग की जांच में सामने आया कि नेटवर्क ने 89 लाख शीशियों की अवैध खरीद–फरोख्त दिखाई। 93 मेडिकल स्टोरों के नाम पर बिलिंग की गई, जबकि कई दुकानें कागजों में ही चल रही थीं। बंद पड़ी 9 फर्मों से बड़े स्तर पर फर्जी बिलिंग का खुलासा हुआ है।
SIT की जांच में जिनके नाम आए, शामिल बड़े दवा कारोबारी…
जांच में अब तक जिन प्रमुख दवा कारोबारियों के नाम सामने आए हैं, उनमें शामिल हैं- तुषार अग्रवाल, नीरज सेठ, महेश कुमार लालवानी, मनोज यादव, रिषभ यादव, राजीव यादव, प्रतीक कुमार, धर्मेंद्र अग्रवाल, विवेक खन्ना, अल्पेश पटेल, मुकेश यादव, योगेंद्र श्रीवास्तव, बीरेंद्र वर्मा, दिलीप कुमार, महेश खेतान, दीवेश जायसवाल, विकास सिंह, विनोद केसरवानी, अंकुश सिंह, प्रतीक मिश्रा, विशाल जायसवाल, नीरज सिंह, अशोक सिंह, राहुल यादव, आदर्श पांडेय और आनंद जायसवाल।
इन सभी की फर्मों, बिलिंग पैटर्न, संपत्तियों और शुभम जायसवाल से संपर्कों की SIT गहराई से जांच करेगी।
देश-विदेश तक फैला है नेटवर्क, शुभम जायसवाल विदेश फरार…
शुभम और उसके नेटवर्क का लिंक बंगाल-बांग्लादेश तक फैला मिला है। शुभम विदेश भाग चुका है और उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी होने वाला है।
अब तक 28 दवा कारोबारियों पर केस दर्ज हो चुके हैं और 26 फर्मों के लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया जारी है।













