पीएम मोदी ने संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत में कहा कि संसद में ड्रामा नहीं, बल्कि डिलीवरी होनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष से कहा कि वे हार के बाद हताशा में न आएं और संसद को नाटक का अखाड़ा न बनाएं। पीएम मोदी ने कहा कि संसद में नारे नहीं, नीतियों पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने दिखाया है कि लोकतंत्र डिलीवर कर सकता है, और लोगों को उम्मीद है कि संसद में सकारात्मक चर्चा होगी।
बयान के मुख्य बिंदु…
– संसद में ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए।
– विपक्ष को हार के बाद हताशा में नहीं आना चाहिए।
– संसद में नारे नहीं, नीतियों पर चर्चा होनी चाहिए।
– भारत ने दिखाया है कि लोकतंत्र डिलीवर कर सकता है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया…
– कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना ड्रामा नहीं है।
– कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार संसदीय कार्यवाही को बाधित कर रही है और विपक्ष को अपने मुद्दे उठाने नहीं दे रही है।
– समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जनता की समस्याओं पर चर्चा करना ड्रामा नहीं है।













