वाराणसी: वाराणसी के सराफा कारोबारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर एक बड़ा फैसला लिया है- अब कोई भी ग्राहक हिजाब, घूंघट, हेलमेट या मास्क पहनकर सोने-चांदी के गहने नहीं खरीद पाएगा। यह नियम झांसी, लखनऊ और बिहार जैसे शहरों में पहले से लागू है और वाराणसी में भी इसे लागू किया गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
– पिछले कुछ महीनों में चेहरे ढंककर आने वाले अपराधियों द्वारा सराफा दुकानों पर चोरी, लूट और ठगी की घटनाएं बढ़ी हैं।
– चेहरे छुपाने से सीसीटीवी फुटेज में पहचान मुश्किल हो जाती है, जिससे दुकानदारों को बड़ा नुकसान होता है।
क्या कह रहे हैं स्वर्णकार संघ के नेता?
– उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ के जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह नियम किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिए है।
– महामंत्री और व्यापारियों का कहना है कि महंगे गहनों की दुकानों में चेहरे की स्पष्ट पहचान जरूरी है।
क्या व्यवस्था लागू की गई है?
– सभी थोक और फुटकर सराफा दुकानों में सीसी कैमरे लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है।
– दुकानों के बाहर पोस्टर लगाए गए हैं जिन पर लिखा है- “मास्क, हेलमेट, बुर्का या घूंघट पहनकर आना मना है।
कितने कारोबारी प्रभावित?
– वाराणसी में करीब 2500 से अधिक फुटकर सराफा कारोबारी हैं, जिनमें से 1500 दुकानें शहर के प्रमुख बाजारों में हैं।
अगला सवाल क्या होगा?
– क्या इस फैसले के खिलाफ कोई कानूनी चुनौती आ सकती है?
– क्या अन्य शहर भी जल्द ही इस नियम को अपनाएंगे?













