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पटना के नन्हें ‘दशरथ मांझी’ का हुंकार! 6 साल का आदित्य हाथ में संविधान ले गर्दनीबाग में डटा, कहा- “सरकार का घमंड तोड़कर रहूँगा”

 

​पटना: बिहार की राजधानी पटना में चल रहा छात्र आंदोलन अब सिर्फ अभ्यर्थियों की लड़ाई नहीं रहा, बल्कि यह भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था और पुलिसिया तंत्र के खिलाफ एक नवआंदोलन का रूप ले चुका है। इस पूरे आंदोलन की धुरी और साहस की मिसाल बना है 6 साल का नन्हा ‘आदित्य कुमार’।
​हाथ में भारत का संविधान लिए गर्दनीबाग धरना स्थल पर बैठा पहली कक्षा का यह छात्र आज राष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। ऑल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने आदित्य की सराहना करते हुए कहा कि नन्हा आदित्य भ्रष्ट शिक्षा और कानून व्यवस्था के खिलाफ नए आंदोलन का प्रेरणा स्रोत बन गया है। उसकी निडरता और बेबाक शैली युवाओं और समाज में नया साहस भर रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि इतनी कम उम्र में बच्चे का आंदोलनों में शामिल होना बाल अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा के लिहाज से एक गंभीर चिंतन का विषय भी है।

​पहाड़ का सीना चीरने वाले दशरथ मांझी जैसा इरादा…
​गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले आदित्य के पिता दिहाड़ी मजदूर हैं और मां दूसरों के घरों में काम करती हैं। पुनाईचक का रहने वाला यह बच्चा आर्थिक तंगी के बावजूद पढ़ाई में बेहद तेज है।
​अपनी निडरता का परिचय देते हुए आदित्य ने कहा, “जिस प्रकार ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी ने विशाल पहाड़ का सीना चीर दिया था, ठीक उसी तरह मैं भी वर्तमान सरकार के घमंड को तोड़कर रहूँगा।
​जब उससे पूछा गया कि उसकी उम्र तो स्कूल जाने की है, फिर वह धरना प्रदर्शन में क्यों आया? तो उसने बेहद परिपक्व जवाब दिया:
​”अभी हम बच्चा हैं, पढ़ेंगे… बड़े होंगे। इसलिए अभी सबको साथ आना चाहिए।

​BPSC धांधली और पुलिसिया कार्रवाई पर तीखे सवाल…
​25 अगस्त को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आदित्य और उसकी मां को हिरासत में लिया था, जहां परिवार ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद आदित्य पीछे हटने के बजाय अपने माता-पिता के लिए न्याय मांगने पटना हाईकोर्ट तक पहुँच गया।
​BPSC परीक्षा विवाद पर सीधे सवाल दागते हुए इस नन्हे क्रांतिकारी ने पूछा- पेपर लीक क्यों हुआ? दोबारा परीक्षा क्यों नहीं होती?

​सांसद पप्पू यादव उठा रहे हैं पढ़ाई का खर्च…
​अपनी तमाम लड़ाइयों के बीच आदित्य पढ़ाई से समझौता नहीं करता और रोजाना घंटों पढ़ता है। उसकी प्रतिभा को देखते हुए पूर्णिया सांसद पप्पू यादव उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठा रहे हैं और उन्हीं के सहयोग से आदित्य का स्कूल में दाखिला भी हुआ है।
​शिक्षा, बेरोजगारी और सरकारी जवाबदेही पर आदित्य के इन तेवरों ने पूरे प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

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