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नोटबंदी के 9 साल पूरे, आज की रात ही बैन हुए थे 500/1000 के नोट

आज 8 नवंबर है, और ठीक 9 साल पहले इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने का ऐलान किया था। इस फैसले से पूरे देश में हड़कंप मच गया था। सरकार का दावा था कि नोटबंदी का मकसद काला धन, आतंक फंडिंग और नकली करेंसी पर लगाम लगाना था, लेकिन इसका असर क्या हुआ, इस पर अभी भी बहस जारी है।

नोटबंदी के बाद देश में डिजिटल पेमेंट सिस्टम में तेजी से वृद्धि हुई, और लोगों ने ऑनलाइन पेमेंट का इस्तेमाल बढ़ाना शुरू कर दिया। हालांकि, छोटे उद्योगों और नकद पर निर्भर कारोबारों को बहुत नुकसान हुआ। ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा असर पड़ा।

क्या नोटबंदी ने अपने लक्ष्य हासिल किए? यह सवाल अभी भी राजनीतिक गलियारों में बहस का विषय है। कुछ लोगों का मानना है कि नोटबंदी से काला धन खत्म हुआ, जबकि अन्य लोगों का कहना है कि इसका कोई खास असर नहीं हुआ।

आप नोटबंदी के बारे में क्या सोचते हैं? क्या आपको लगता है कि यह एक सही फैसला था?

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