वाराणसी: भोजपुरी स्टार और बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने वाराणसी में बीपीएल क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। उन्होंने बिहार में एनडीए की जीत को विकास और सुरक्षा की नीतियों की जीत बताया। मनोज तिवारी ने कहा कि बिहार में जाति की दीवारें टूटी हैं और विकास का दरवाजा खुल गया है। उन्होंने दो लोकगीत सुनाकर माहौल बना दिया।
उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए की जीत बहुत बड़ा राजनीतिक संदेश है। जाति की दीवारें टूटीं, विकास का दरवाजा खुल गया। यूपी, पूर्वांचल और बिहार में जाति की जड़ें इतनी अधिक मजबूत हो गईं, हम पिछड़ गए। हमारे नेताओं ने हमें लुभाया, इसी तरह बरगलाया। इस बार बिहार में प्रचार के दौरान सभी जातियों के लोग विकास की तारीफ की। लोगों ने विकास और वेलफेयर स्कीम का लाभ लेना शुरू कर दिया है। बिहार के खजाने को समृद्धि मिली तो जनता का जीवन भी सुधरेगा।
उन्होंने कहा कि यह समझने की जरूरत है कि क्यों हैदराबाद और महाराष्ट्र जैसे प्रांत यूपी-बिहार से आगे हैं। उन स्थानों पर जनता ने विकास को चुना। बिहार में एक नए राजनीतिक संस्कृति की शुरुआत हुई है। इसके लिए बिहार के प्रत्येक नागरिक को धन्यवाद। यह एनडीए की नहीं, बल्कि विकास और सुरक्षा की नीतियों की जीत हुई है।
उन्होंने कहा कि बिहार की रामगढ़ सीट पर सत्तारूढ़ दल के प्रत्याशी की 30 वोटों से हार हुई है। सत्तापक्ष ने इसे स्वीकार किया। यह बिहार चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता का प्रत्यक्ष उदाहरण है। विपक्षी अपनी असफलता को छिपाने के लिए चुनाव आयोग पर दोष मढ़ रहे हैं। मनोज तिवारी ने कहा कि हमारी पीढ़ियां आपस में मिलकर चलें, इसके लिए खेल बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि खेल के मैदान में जाने से तमाम बुराइयां दूर होती हैं। दूसरे से प्रतियोगिता करने के लिए हमें खुद को फिट रखना होता है। खेल का आयोजन कराने में लीडरशिप विकसित होती है। इससे मानवीय गुणों में निखार आता है।
जीवन में नियमों का पालन करना, हार को स्वीकार करना, जीत में संयमित रहना, यह हमें खेल से सीखने को मिलता है। बिहार चुनाव को लेकर उत्साह के बीच मनोज तिवारी ने दो लोकप्रिय गीत भी सुनाए। छात्र और युवा उनके साथ सुर में सुर मिलाते नजर आए, जिससे माहौल और भी रोमांचक हो गया।













