वाराणसी: ऑल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने एकता और समता के प्रतीक लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल और आचार्य नरेंद्र देव को जयंती पर नमन करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि वल्लभभाई पटेल एक महान स्वतंत्रता सेनानी, भारत के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री थे, जो रियासतों के एकीकरण के लिए जाने जाते हैं। वहीं आचार्य नरेंद्र देव एक विद्वान, समाजवादी नेता और शिक्षाविद थे, जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। दोनों नेताओं का भारत की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय एकता में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आचार्य नरेंद्र देव ने भारत की राजनीतिक आजादी के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक आजादी के लिए भी निरंतर प्रयत्न किया और वह देश में जनतांत्रिक समाजवादी समाज की स्थापना करना चाहते थे। भारत की आजादी के बाद पूरा देश जब रियासती मतभेदो और अस्थिरता के बीच दिशा खोज रहा था। तब सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ता, निर्णय क्षमता और अटूट राष्ट्र भक्ति का परिचय देते हुए 562 रियासतों को एकजुट कर भारत को अखंड राष्ट्र बनाया। आजादी के बाद भारत के एकीकृत मजबूत राष्ट्र की आज जो तस्वीर है।वह सरदार पटेल के लौह संकल्प का परिणाम है। यही कारण है कि उन्हें न केवल भारत का लौह पुरुष कहा गया बल्कि वह आज भी राष्ट्र निर्माण के सबसे प्रेरणादायक स्तंभ माने जाते हैं।













