लखनऊ: गोमतीनगर रेलवे स्टेशन को निजी हाथों में सौंपने की योजना बनाई गई है, जो उत्तर प्रदेश का पहला प्राइवेट ऑपरेटेड रेलवे स्टेशन होगा। इस योजना के तहत, स्टेशन की सफाई, फूड प्लाजा, पार्किंग और मेंटेनेंस जैसे कार्य प्राइवेट एजेंसी संभालेगी। इसके अलावा, स्टेशन पर मॉल, एसी लाउंज और फूड प्लाजा जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
निजीकरण के मुख्य बिंदु…
– स्टेशन की सुविधाएं: निजी एजेंसी स्टेशन की सफाई, फूड प्लाजा, पार्किंग और मेंटेनेंस जैसे कार्यों को संभालेगी।
– ट्रेनों का संचालन: ट्रेनों का संचालन और सुरक्षा रेलवे के अधीन रहेगी।
– प्रीमियम ट्रेनें: कई प्रीमियम ट्रेनों को गोमतीनगर स्टेशन पर शिफ्ट करने की योजना है, जैसे कि पुष्पक एक्सप्रेस, तेजस एक्सप्रेस और शताब्दी एक्सप्रेस।
– सुरक्षा: आरपीएफ प्लेटफॉर्म तक और ट्रेनों में जांच करेगी, जबकि निजी सुरक्षा गार्ड स्टेशन के आगमन और प्रस्थान क्षेत्रों में तैनात किए जाएंगे।
– रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए): आरएलडीए निजी एजेंसी के चयन और निगरानी के लिए जिम्मेदार होगा।
इस योजना का उद्देश्य यात्रियों को उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करना और स्टेशन के वाणिज्यिक विकास को बढ़ावा देना है। इससे लखनऊ जंक्शन पर भीड़भाड़ और परिचालन दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।













