चन्दौली पुलिस ने मिशन शक्ति अभियान के तहत वाल्मिकी इंटर कॉलेज में छात्राओं और महिलाओं को जागरूक करने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्हें साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की।
चन्दौली: बलुआ की एंटीरोमियों पुलिस टीम द्वारा वाल्मिकी इंटर कॉलेज में चौपाल लगाकर छात्राओं/बालिकाओं को जागरुक करने के साथ ही महिला संबंधित समस्याओं के निस्तारण कराने के संबंध में जागरुक किया गया। महिलाओं एवं बालिकाओं के साथ जुड़ कर उन्हें सशक्त एवं सुरक्षित वातावरण देने का निरन्तर प्रयास किया जा रहा है। जागरूक करने के साथ पम्पलेट वितरण किया गया।

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ उप निरीक्षक अनंत भार्गव द्वारा बताया गया कि विद्यालय आवागमन के दौरान यदि किसी शोहदे/मनचलें द्वारा परेशान किया जाता है तो तत्काल उसकी सूचना अपने परिजनों/थाना स्थानीय या हेल्प लाइन नम्बरों पर दे देनी चाहिए और तत्काल थाना स्थानीय पुलिस द्वारा शोहदों/मनचलों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जायेगा। महिलाओं के संबंध में संचालित योजनाओं यथा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेन्टर, 181 महिला हेल्पलाइन, पति की मृत्युपरांत निराश्रित महिला योजना, प्रदेश में स्थापित महिला शरणालय, शक्ति सदन व सखी निवास योजनाओं के बारे में बताया गया।
साथ ही महिलाओं व बालिकाओं को संरक्षण प्रदान करने वाले प्रमुख कानूनों यथा घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005, कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष), अधिनियम, 2013, दहेज निषेध अधिनियम, 1961 (संशांधित 1986) तथा गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम, 1994 के प्रमुख प्रावधानों के बारे में आमजन को जागरूक किया गया।
मुख्य बिंदु…
1. साइबर अपराध से बचाव के तरीके
2. महिला सुरक्षा और सरकारी योजनाएँ
3. मिशन शक्ति केन्द्र की जानकारी
4. महिलाओं और बालिकाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर और ऑनलाइन संसाधन
पुलिस की अपील…
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे स्वयं सतर्क रहें और दूसरों को भी जागरूक करें, जिससे समाज को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखा जा सके।













