February 6, 2026 4:44 pm

गंगा में उतरे एनएसजी कमांडो, क्रूज पर अप्रिय घटना से निबटने की मॉक ड्रिल, वाराणसी में जलमार्ग की निगरानी

वाराणसी में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के कमांडो ने गंगा नदी में एक विशेष मॉक ड्रिल किया, जिसमें जलमार्ग से संभावित आतंकी हमले की स्थिति में प्रतिक्रिया और समन्वय की तैयारी को परखा गया। इस अभ्यास में एटीएस, एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें भी संयुक्त रूप से शामिल रहीं। एनएसजी कमांडो ने गंगा के बीचों-बीच मोटर बोट से क्रूज तक पहुंचकर ऑपरेशन का पूर्वाभ्यास किया और आतंकी गतिविधि जैसी काल्पनिक स्थिति को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया का अभ्यास किया।

वाराणसी: गुरुवार की सुबह से ही रविदास घाट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। घाट के चारों ओर पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स का पहरा रहा, वहीं स्थानीय लोगों की आवाजाही को कुछ समय के लिए प्रतिबंधित किया गया। एनएसजी कमांडो ने गंगा के बीचों-बीच मोटर बोट से क्रूज तक पहुंचकर ऑपरेशन का पूर्वाभ्यास किया। तय योजना के तहत, कमांडो ने क्रूज को चारों ओर से घेर लिया और अंदर चल रही “आतंकी गतिविधि” जैसी काल्पनिक स्थिति को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया का अभ्यास किया।

यह पूरा ऑपरेशन वास्तविक मिशन की तरह संचालित किया गया। इसमें लक्ष्य की पहचान, जलमार्ग से पहुंच, घेरेबंदी, कार्रवाई, बचाव और निकासी की सभी प्रक्रियाएं शामिल रहीं। अभ्यास के दौरान एनएसजी के साथ एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें समन्वय बनाते हुए आवश्यक सहयोग करती दिखीं। यह अभ्यास इस बात की पुष्टि करता है कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में सभी एजेंसियां मिलकर प्रभावी ढंग से कार्य कर सकती हैं।

ड्रिल के दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। बताया गया कि एनएसजी ने इससे पहले वाराणसी में हवाई मार्ग से सुरक्षा अभ्यास किया था, जबकि इस बार गंगा के जलमार्ग से सुरक्षा प्रतिक्रिया का मूल्यांकन किया गया। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के नियमित मॉक ड्रिल अभ्यास न केवल सुरक्षा एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करते हैं बल्कि वाराणसी जैसे अंतरराष्ट्रीय पहचान वाले शहर की सुरक्षा को भी नई मजबूती प्रदान करते हैं।

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