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काशी में गंगा में चलेगी देश की पहली हाइड्रोजन वाटर टैक्सी, 4 दिसंबर से शुरू होगा संचालन

वाराणसी में 4 दिसंबर से देश की पहली हाइड्रोजन वाटर टैक्सी का संचालन शुरू होगा। केंद्रीय बंदरगाह, जल परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री सर्वानंद सोनोवाल इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह टैक्सी पर्यटकों को कम समय में गंगा की सैर कराएगी और शून्य प्रदूषण के साथ चलती है, जिससे गंगा की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।

वाराणसी: काशी एक बार फिर देश के लिए नई तकनीक का मॉडल बनने जा रही है। यहां गंगा में देश की पहली हाइड्रोजन वाटर टैक्सी का संचालन 4 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। लगभग दो साल की प्रतीक्षा के बाद पर्यावरण अनुकूल इस परियोजना को केंद्र सरकार की अनुमति मिल गई है। केंद्रीय बंदरगाह, जल परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री सर्वानंद सोनोवाल नमो घाट से टैक्सी को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

यह हाइड्रोजन वाटर टैक्सी पर्यटकों को कम समय में गंगा की सैर कराने में सक्षम होगी। टैक्सी शून्य प्रदूषण के साथ चलती है, जिससे गंगा की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। काशी में इसे पायलट आधार पर शुरू किया जा रहा है और सफल संचालन के बाद देश के अन्य महानगरों और तटीय शहरों में भी ऐसी टैक्सी सेवाओं पर विचार किया जाएगा।

इंडलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IWAI) के अधिकारियों ने बताया कि टैक्सी की सुरक्षा और दक्षता की सभी आवश्यक जांचें पूरी कर ली गई हैं। हाइड्रोजन ईंधन के अलावा इसमें वैकल्पिक रूप से इलेक्ट्रिक इंजन भी लगाया गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर टैक्सी इलेक्ट्रिक मोड पर भी संचालित की जा सके। ईंधन आपूर्ति के लिए गंगा तट पर चार स्थानों पर हाइड्रोजन रीफिलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इन स्टेशनों पर इलेक्ट्रिक चार्जिंग प्वॉइंट भी उपलब्ध होंगे, जिससे टैक्सी दोनों मोड में सुचारू रूप से चल सकेगी।

अधिकारियों ने बताया कि मंत्रालय से अंतिम स्वीकृति मिलने में समय लग रहा था, लेकिन अब सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। संचालन शुरू होने के बाद यह परियोजना भारत में हाइड्रोजन-आधारित सार्वजनिक जल परिवहन की दिशा में कारगर कदम साबित होगी। इससे पर्यावरण–अनुकूल यातायात को बढ़ावा मिलेगा और काशी की पर्यटन क्षमता में भी बड़ा इजाफा होगा।

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