दाखिल-खारिज के नाम पर चल रहा था ‘रिश्वत का खेल’, UP कॉलेज के पास जाल बिछाकर टीम ने दबोचा; मोबाइल रिकॉर्डिंग खोलेगी कई राज।
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने एक और बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। सीर गोवर्धन इलाके में दाखिल-खारिज के नाम पर चल रहे रिश्वतखोरी के नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए टीम ने लेखपाल के निजी मुंशी को 1 लाख रुपये की मोटी रकम के साथ धर दबोचा। वहीं कार्रवाई की भनक लगते ही मुख्य आरोपी लेखपाल मौके से भाग निकला, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
क्या है पूरा मामला???
मिली जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता कमल कांत विक्रम अपनी जमीन के ‘दाखिल-खारिज’ (Mutation) के काम के लिए लगातार सरकारी दफ्तर के चक्कर काट रहे थे। आरोप है कि सीर गोवर्धन क्षेत्र के लेखपाल कुन्दन सिंह और उनके मुंशी अशोक कुमार ने इस काम को पूरा करने के एवज में 1 लाख रुपये की घूस मांगी थी।
परेशान होकर पीड़ित ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन विभाग से कर दी। शिकायत मिलते ही टीम ने मामले का गुप्त सत्यापन (Verification) कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई।
UP कॉलेज गेट पर बिछाया जाल, रंगे हाथ धराया मुंशी…
मामला सही पाए जाने पर एंटी करप्शन की विशेष टीम ने मुंशी को पकड़ने के लिए पूरी योजना बनाई। मंगलवार को जैसे ही मुंशी अशोक कुमार रिश्वत की रकम लेने यूपी कॉलेज गेट के पास पहुंचा, पहले से घात लगाकर बैठी टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
बरामदगी: आरोपी मुंशी के पास से रिश्वत के 1 लाख रुपये नकद और उसका स्मार्टफोन बरामद किया गया है।
मोबाइल की ऑडियो रिकॉर्डिंग खोलेगी ‘साहब’ की पोल…
पकड़े गए मुंशी के मोबाइल की जब शुरुआती जांच की गई, तो उसमें लेखपाल कुन्दन सिंह और मुंशी के बीच रिश्वत के पैसों के बंटवारे और लेनदेन को लेकर हुई बातचीत की पुख्ता ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है। इस कॉल रिकॉर्डिंग से साफ हो गया है कि यह पूरा खेल लेखपाल के इशारे पर ही चल रहा था।
फिलहाल, आरोपी लेखपाल कुन्दन सिंह कार्रवाई के डर से फरार है। एंटी करप्शन टीम और स्थानीय पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। मुंशी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।








