वाराणसी: बनारस-खजुराहो वंदेभारत एक्सप्रेस का संचालन शुरू हो गया है, जो बनारस और मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई दिशा देने की उम्मीद है। इस ट्रेन के शुरू होने से काशी, प्रयागराज, विंध्याचल और चित्रकूट जैसे सांस्कृतिक परिक्षेत्र को जोड़कर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
नई वंदे भारत ट्रेन के फायदे…
– पर्यटन उद्योग को बूस्ट: वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस के शुरू होने से पर्यटन उद्योग को नई ऊंचाई मिलेगी, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
– आर्थिक विकास: इस ट्रेन के संचालन से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी।
– धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व: यह ट्रेन वाराणसी, प्रयागराज, विंध्याचल और चित्रकूट जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ती है, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा होगी।
चुनौतियाँ…
– यात्रियों की संख्या: पहले दिन ट्रेन में यात्रियों की संख्या उम्मीद से कम रही, जिससे रेलवे अधिकारियों को उम्मीद है कि जैसे-जैसे लोगों को ट्रेन के संचालन की जानकारी होगी, यात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी।
– कैंट स्टेशन पर ठहराव: ट्रेन कैंट स्टेशन पर नहीं रुकती है, जिससे स्थानीय यात्रियों में असुविधा हो सकती है।
आने वाले दिनों में, जैसे-जैसे श्रद्धालु, पर्यटक और व्यापारी समुदाय इस ट्रेन की सुविधा से परिचित होंगे, यह सेवा क्षेत्र के आर्थिक विकास और पर्यटन को नई ऊंचाई तक ले जाएगी।













