मुगलसराय पुलिस टीम द्वारा सघन चेकिंग अभियान में 350 पाउच (ब्लू लाईम देशी शराब ) प्रत्येक 200 ML (कुल 70 लीटर) अनुमानित कीमत लगभग 25000/- रुपयें के साथ 05 अभियुक्ता गिरफ्तार चौबेपुर थाने में महिला आगंतुक को थप्पड़ मारना पड़ा भारी, महिला उपनिरीक्षक रोशनी सिंह निलंबित दिनदहाड़े बंद घर को चोरों ने बनाया निशाना, मेहनत की गाढ़ी कमाई पल भर में साफ उत्तर प्रदेश में एक और एनकाउंटर, पुलिस के साथ जबरदस्त मुठभेड़ में 2 बदमाश ढेर, 2 पुलिसकर्मी भी घायल सड़क हादसे में 35 वर्षीय राहुल उपाध्याय की दर्दनाक मौत, बच्चे को स्कूल छोड़कर लौटते समय हुआ हादसा सिद्धनाथ दरी में पिकनिक मनाने गए वाराणसी के युवक की नहाते समय डूबने से मौत, अगले दीन बरामद हुआ युवक का शव, घर वालों का रो-रो कर बुरा हाल

दुष्कर्म के आरोपी को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा, आठ साल के मासूम संग दुष्कर्म के बाद कर दी थी हत्या

बहादुरपुर के सरकारी स्कूल में बोरे में भरकर फेका था शव, मुठभेड़ में पुलिस ने डोमरी से किया था गिरफ्तार।

वाराणसी: रामनगर थाना क्षेत्र में “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में इरशाद नामक अभियुक्त को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो ने इरशाद को मृत्युदंड और 60,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

इस मामले में कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस की प्रभावी पैरवी और लोक अभियोजक के संयुक्त प्रयास से साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को सजा दिलाई गई। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशन में यह अभियान चलाया जा रहा है।

घटना का पूरा मामला…
वादी द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, 24 दिसंबर 2024 की शाम लगभग 6:30 बजे उसकी 8 वर्षीय बच्ची घर से निकट की दुकान पर ‘गुड नाइट अगरबत्ती’ लेने गई थी। लेकिन बच्ची वापस घर नहीं लौटी। परिजनों ने खोजबीन की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। वादी ने घटना की सूचना सूजाबाद चौकी और 112 नंबर पर दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अगले दिन, 25 दिसंबर, लोगों ने बताया कि सरकारी स्कूल, बलदुरपुर में एक बोरे में बच्ची का शव पड़ा है। सूचना पर पहुंची रामनगर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की।

CCTV फुटेज से खुला राज…
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन रामनगर थाना प्रभारी राजू सिंह ने जांच तेज की। क्षेत्र में लगे CCTV कैमरों की जांच की गई तो सामने आया कि मोहल्ले का ही रहने वाला इरशाद बच्ची को अपने साथ ले गया था।
जब पुलिस उसके घर पहुंची तो वह फरार मिला। 26 दिसंबर 2024 को सूचना मिली कि आरोपी डोमरी क्षेत्र में मौजूद है और भागने की कोशिश कर रहा है। पुलिस ने घेराबंदी की तो इरशाद ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपी ने कबूला अपना अपराध…
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में इरशाद ने बताया कि वह बच्ची को दुकान जाते देख छिप गया था। बच्ची के लौटते ही उसने उसका मुंह दबाया और सुनसान जगह ले जाकर दुष्कर्म किया।
पकड़े जाने के डर से उसने बच्ची का स्कार्फ से गला दबाकर हत्या कर दी। बाद में शव को बोरे में भरकर सरकारी स्कूल ले जाकर फेंक दिया और बोरे पर पत्थर मारकर पहचान छिपाने की कोशिश की।

अदालत ने क्यों सुनाई मौत की सजा?
अदालत ने इसे ‘रेयर ऑफ रेयर’ अपराध मानते हुए कहा कि आरोपी ने अत्यंत निर्दयता और क्रूरता के साथ एक मासूम की जान ली। समाज में भय फैलाने वाले ऐसे अपराधियों के प्रति दया नहीं की जा सकती।

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